A triveni that i tried creating

4:17 PM CS Reema Jain 3 Comments

Please let me know how is it?

आंखों की नींद है खो चुका कोई,
कभी ये आँखें हँसी और कभी है रोई,
अब शायद और कुछ बताना बाकी न रहा.

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